हर परिस्थिति में खुद को खुश रखें Image Source: Flicker.com आपका मन आपका सेवक है, उसे ...
हर परिस्थिति में खुद को खुश रखें
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आपका मन आपका सेवक है, उसे अपना दुश्मन मत बनाइये। कड़वाहट, गुस्सा नफरत के वें जहर हैं जिन्हें पीते आप हैं
और उम्मीद करते हैं कि कोई और मर जाए, कोई और परेशान हो। जीवन ऐसे काम नहीं करता है। आपके जो मन में होता है उसका असर शरीर पर होता है। लेकिन जब नुकसान शरीर में प्रकट हो जाता है तो उसे विचारों से दूर करने की
कोशिश नहीं होनी चाहिए। इसका सही से इलाज करवाना चाहिए। आपके पास सिर्फ एक जीवन है, इसे रिस्क न डालें।
आप ये न विचार लाएं कि मैं बस बैठ कर इसे विचारों से मिटा दूंगा। आप शायद इससे खुद को मिटा दें। बीमारी हो या
सेहत संबंधी दिक्कत आपको अपने मन में उथल-पुथल करने की कोई जरूरत नहीं, खुद को पीड़ा देने की कोई जरूरत
नहीं, शरीर का इलाज कराएं। 5 साल का बच्चा भी अपनी कुछ सुरक्षा करता है। सबसे भयंकर यातना खुद को दुख देना
है। आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, चाहे आपको कोई बीमारी हो या ना हो। अगर आपको बीमारी हो
चुकी है, अगर आपने अपने सिस्टम को नुकसान पहुंचा लिया है तो बेहतर होगा कि हर संभव तरीके से उसका समाधान
किया जाए। आपको अपनी दिमागी बकवास हर हाल में रोक देनी चाहिए। अगर सिस्टम को दवा,सर्जरी और अन्य चीजों
की जरूरत है तो वह सब किया जाना चाहिए। बस विचारों से उसे ठीक करने की कोशिश के बारे में मत सोचिए। क्योंकि
हो सकता है, आप खुद को मिटा लें, एक सीमा पार हो जाने के बाद कोई आपकी मदद नहीं कर सकता है, आपके
डॉक्टर भी एक स्थिति के बाद हार मान लेते हैं।

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मन से दोस्ती करें, दुश्मनी नहीं
आपका मन इस जीवन का मददगार होना चाहिए है, न कि उसे जीवन की मदद करनी चाहिए। आखिरकार मन तो मानव
का सेवक है, आपने उसे अपना दुश्मन क्यों बना लिया। क्या आप यह नहीं जानते कि आपके लिए काम करने वाले लोगों
से कैसा व्यवहार करें। अच्छा व्यवहार न होने पर तो वह आपके दुश्मन बन जाएंगे। इस बारे में कोई गलतफहमी मत
रखिए। इस बारे में कोई शंका मत रखिए, ऐसा होता है। आप सोचते हैं कि वह मेरा बेटा है, वह ऐसा नहीं करेगा।
कोई शक मत रखिएगा, अच्छा व्यवहार न करने पर आपका बेटा भी आपका दुश्मन बन जाएगा।
का सेवक है, आपने उसे अपना दुश्मन क्यों बना लिया। क्या आप यह नहीं जानते कि आपके लिए काम करने वाले लोगों
से कैसा व्यवहार करें। अच्छा व्यवहार न होने पर तो वह आपके दुश्मन बन जाएंगे। इस बारे में कोई गलतफहमी मत
रखिए। इस बारे में कोई शंका मत रखिए, ऐसा होता है। आप सोचते हैं कि वह मेरा बेटा है, वह ऐसा नहीं करेगा।
कोई शक मत रखिएगा, अच्छा व्यवहार न करने पर आपका बेटा भी आपका दुश्मन बन जाएगा।
जीवन ऐसा ही है। यह बेहद शक्तिशाली, खूबसूरत और जादुई चीज है। आपको कोई बीमारी हो या होने वाला हो ,
अब यह समझने का समय आ गया है। आपको समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। क्योंकि विचारों से बीमारियां करवाना
और विचारों से उन्हें दूर करना कोई मजाक नहीं । इसमें खर्च होता है। आप जितने भी स्वास्थ हों, हर महीने आपको
अपने शहर के एक बड़े अस्पताल में जाना चाहिए और जाकर देखना चाहिए कि इंसान को क्या-क्या हो सकता है।
छोटी-छोटी गलतियां, कोई बड़ा गुनाह नहीं किया, बस अपने पेट में थोड़ा एसिड बनाया और उसका नतीजा देखें।
हर चीज ठीक से करें, तब भी कोई जीवाणु आपके शरीर में घुसकर समस्या खड़ी कर सकता है। जीवन की प्रकृति
ऐसी ही है कि अगर अब दूध भी है, तब भी वह जहर बन सकता है। पर अगर आप जहर पीकर अच्छे से जीना चाहें तो
अब यह समझने का समय आ गया है। आपको समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। क्योंकि विचारों से बीमारियां करवाना
और विचारों से उन्हें दूर करना कोई मजाक नहीं । इसमें खर्च होता है। आप जितने भी स्वास्थ हों, हर महीने आपको
अपने शहर के एक बड़े अस्पताल में जाना चाहिए और जाकर देखना चाहिए कि इंसान को क्या-क्या हो सकता है।
छोटी-छोटी गलतियां, कोई बड़ा गुनाह नहीं किया, बस अपने पेट में थोड़ा एसिड बनाया और उसका नतीजा देखें।
हर चीज ठीक से करें, तब भी कोई जीवाणु आपके शरीर में घुसकर समस्या खड़ी कर सकता है। जीवन की प्रकृति
ऐसी ही है कि अगर अब दूध भी है, तब भी वह जहर बन सकता है। पर अगर आप जहर पीकर अच्छे से जीना चाहें तो
मेरी शुभकामनाएं। ऐसे इंसान के लिए कोई रास्ता नहीं है आप जहर बना रहे और अच्छे से जीने की भी उम्मीद कर रहे
हैं । इसके लिए बहुत किस्मत की जरूरत होगी। हमें सभी सितारों को आपके लिए एक सीधी लाइन में लाना पड़ेगा ,
वरना जीवन आपके लिए फायदेमंद नहीं होगा ।

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अपने मन पर नियंत्रण रखें, नकारात्मक सोच से दूर रहें
कृपया अपने मन को सीधा रखें। उसे आपके लिए काम करना चाहिए। उसे आपके लिए सुंदर चीजें करनी चाहिए
ना कि बेकार की चीजें। अगर मैं कड़वाहट पैदा करूं और तो सिर्फ मुझे दिक्कत होगी। पर हम किसी और के मरने
की उम्मीद करते हैं। अगर आपका मन ठीक काम नहीं करता तो आपको इसे ठीक करना होगा। अगर आपका मन
आप ही के खिलाफ काम कर रहा है तो सबसे पहली चीज आप यह कीजिए, आप जो भी चीजें कर रहे हैं उसे ब्रेक
लीजिए। एक जगह बैठ कर देखिए कि आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं। क्योंकि जब आप दुनिया में रहते हैं तो
या तो आपको अपने लिए कुछ अच्छा करना चाहिए या फिर अपने आसपास के 10 लोगों के लिए। या तो आप खुद
को आनंदित रखें और दूसरों की परवाह मत करें । कम से कम आप तो आनंदित हैं। यदि आप अपने आसपास के
लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं तो भी ठीक है। कोई भी इंसान जो ना तो खुद के लिए कुछ अच्छा कर रहा है ना ही
किसी और के लिए, उसे खुद को इंसान कहने का कोई हक नहीं है।
ना कि बेकार की चीजें। अगर मैं कड़वाहट पैदा करूं और तो सिर्फ मुझे दिक्कत होगी। पर हम किसी और के मरने
की उम्मीद करते हैं। अगर आपका मन ठीक काम नहीं करता तो आपको इसे ठीक करना होगा। अगर आपका मन
आप ही के खिलाफ काम कर रहा है तो सबसे पहली चीज आप यह कीजिए, आप जो भी चीजें कर रहे हैं उसे ब्रेक
लीजिए। एक जगह बैठ कर देखिए कि आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं। क्योंकि जब आप दुनिया में रहते हैं तो
या तो आपको अपने लिए कुछ अच्छा करना चाहिए या फिर अपने आसपास के 10 लोगों के लिए। या तो आप खुद
को आनंदित रखें और दूसरों की परवाह मत करें । कम से कम आप तो आनंदित हैं। यदि आप अपने आसपास के
लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं तो भी ठीक है। कोई भी इंसान जो ना तो खुद के लिए कुछ अच्छा कर रहा है ना ही
किसी और के लिए, उसे खुद को इंसान कहने का कोई हक नहीं है।
भले ही पूरी दुनिया की फिक्र न करें, खुद को खुश रखें
भले ही आप दुनिया में कोई महान काम नहीं कर सकते, उससे फर्क नहीं पड़ता। भले ही पूरी दुनिया की सेवा नहीं
कर सकते, उससे फर्क नहीं पड़ता। कम से कम आप स्वयं आनंद में रहें। अगर आप आनंद में जीते हैं तो अचानक
से आपको पूरी दुनिया खूबसूरत लगने लगेगी। जैसे ही सारी दुनिया खूबसूरत लगेगी कि आप स्वाभाविक रूप से हर
चीज को एक प्रेम भरी नजर से देखेंगे। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। जब आपको हर चीज सुंदर लगती है तो आप
स्वाभाविक रूप से हर चीज को प्रेम से देखते हैं। बस यही करना है, पैसे नहीं है तो क्या? इसी वक्त कुछ समय
निकालकर खुद पर काम नहीं करना चाहिए।
कर सकते, उससे फर्क नहीं पड़ता। कम से कम आप स्वयं आनंद में रहें। अगर आप आनंद में जीते हैं तो अचानक
से आपको पूरी दुनिया खूबसूरत लगने लगेगी। जैसे ही सारी दुनिया खूबसूरत लगेगी कि आप स्वाभाविक रूप से हर
चीज को एक प्रेम भरी नजर से देखेंगे। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। जब आपको हर चीज सुंदर लगती है तो आप
स्वाभाविक रूप से हर चीज को प्रेम से देखते हैं। बस यही करना है, पैसे नहीं है तो क्या? इसी वक्त कुछ समय
निकालकर खुद पर काम नहीं करना चाहिए।
नफरत का जहर पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी
अगर आपके दिमाग में जहर है तो आप अपने अच्छे इरादों से भी दुनिया में जहर घोल देंगे। दुनिया में यही हो रहा है।
दुनिया में ज्यादा विनाश, अच्छे इरादों से हो रहा है। 1934 में एडोल्फ हिटलर ने हैम्बर्ग में भाषण दिया, जिसमें उसने
कहा, “ मैं अपने पूर्वजों का कर्तव्य निभा रहा हूं।” जब उससे यह पूछा गया कि वह लोगों को पकड़कर गैस में क्यों
भेज रहा है। पर उसे अपने काम के सही होने पर पक्का यकीन था। यही उसे ताकत देती थी। थोड़े से समय में जिस
तरह से उसने पूरे देश को संगठित किया और सभी को विश्वास दिलाया जिसमें उसे विश्वास था। क्योंकि उस इंसान को
100% यकीन था, उसे यकीन था कि वह सबसे अच्छी चीज कर रहा है। जो दुनिया में की जा सकती है। तो आपके
अच्छे इरादों से दुनिया में भला नहीं होगा। वह सिर्फ तभी बदलेगा जब आप उठत- बैठते चलते और सांस लेते हुए
आनंदित रहेंगे।
दुनिया में ज्यादा विनाश, अच्छे इरादों से हो रहा है। 1934 में एडोल्फ हिटलर ने हैम्बर्ग में भाषण दिया, जिसमें उसने
कहा, “ मैं अपने पूर्वजों का कर्तव्य निभा रहा हूं।” जब उससे यह पूछा गया कि वह लोगों को पकड़कर गैस में क्यों
भेज रहा है। पर उसे अपने काम के सही होने पर पक्का यकीन था। यही उसे ताकत देती थी। थोड़े से समय में जिस
तरह से उसने पूरे देश को संगठित किया और सभी को विश्वास दिलाया जिसमें उसे विश्वास था। क्योंकि उस इंसान को
100% यकीन था, उसे यकीन था कि वह सबसे अच्छी चीज कर रहा है। जो दुनिया में की जा सकती है। तो आपके
अच्छे इरादों से दुनिया में भला नहीं होगा। वह सिर्फ तभी बदलेगा जब आप उठत- बैठते चलते और सांस लेते हुए
आनंदित रहेंगे।
जब आप अपने अंदर खुश हैं, सिर्फ तभी आप अपने आसपास की हर चीज के बारे में अच्छा महसूस करते हैं।
जब आप हर चीज के बारे में अच्छा महसूस करते हैं, तब आप अपने आसपास के जीवन को समझते हैं और मूल्य
देते हैं। वरना इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके अंदर कितनी नैतिकता है। तो सबसे पहला काम इंसान की
सबसे बुनियादी जिम्मेदारी यह है कि वह यहां आनंदित होकर बैठे।
जब आप हर चीज के बारे में अच्छा महसूस करते हैं, तब आप अपने आसपास के जीवन को समझते हैं और मूल्य
देते हैं। वरना इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके अंदर कितनी नैतिकता है। तो सबसे पहला काम इंसान की
सबसे बुनियादी जिम्मेदारी यह है कि वह यहां आनंदित होकर बैठे।
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नकारात्मक विचार आपको मौत की ओर धकेलते हैं
देखिए जब भी आप बहुत दुखी होते हैं तो हमेशा ही विचार आता है कि आपको मर जाना चाहिए। पर आप ऐसा नहीं
करते, लेकिन विचार आता है। ऐसा कीजिए 24 घंटे दुखी रहें। आप दोस्तों के साथ अपना मनोरंजन न करें। 24 घंटे
बस दुखी रहें। 24 घंटों में आपको गंभीर विचार आएंगे कि आप मरना चाहते हैं। क्योंकि कोई भी कुछ मिनट से ज्यादा
दुख नहीं सकता । कुछ मिनट से ज्यादा होने पर आपको कोई और चीज चाहिए। वरना पागल हो जाएंगे।
करते, लेकिन विचार आता है। ऐसा कीजिए 24 घंटे दुखी रहें। आप दोस्तों के साथ अपना मनोरंजन न करें। 24 घंटे
बस दुखी रहें। 24 घंटों में आपको गंभीर विचार आएंगे कि आप मरना चाहते हैं। क्योंकि कोई भी कुछ मिनट से ज्यादा
दुख नहीं सकता । कुछ मिनट से ज्यादा होने पर आपको कोई और चीज चाहिए। वरना पागल हो जाएंगे।
आपके जीवन में चाहे जो भी परिस्थिति हो। जो भी हो आपके जीवन में, चाहे जो कुछ हो रहा हो, हर हालत में जीवन
की सुंदरता देखिए। आप बिल्कुल खाली हाथ आए थे। चाहे जो भी हो रहा हो आप फायदे में ही हैं। नुकसान में नहीं हैं।
इसलिए आप शिकायत नहीं कर सकते। तो अपनी बीमारी को विचारों से मिटाने की कोशिश ना करें। अपने दुखों को
विचारों से मिटाएं। अगर आपके दुख मिट गए तो सब ठीक हो जाएगा।
की सुंदरता देखिए। आप बिल्कुल खाली हाथ आए थे। चाहे जो भी हो रहा हो आप फायदे में ही हैं। नुकसान में नहीं हैं।
इसलिए आप शिकायत नहीं कर सकते। तो अपनी बीमारी को विचारों से मिटाने की कोशिश ना करें। अपने दुखों को
विचारों से मिटाएं। अगर आपके दुख मिट गए तो सब ठीक हो जाएगा।
