मोदी सरकार 2.0 का Budget2020:देखिए इसमें क्या है आपके लिए खास केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 के दूसरे बजट में म...
मोदी सरकार 2.0 का Budget2020:देखिए इसमें क्या है आपके लिए खास

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 के दूसरे बजट में मध्यम वर्ग को राहत देते हुए, किसान, महिला, शिक्षा व इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट से दोहरी कृषि आय में मदद मिलेगी। बजट ने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। हमने रोजगार बढ़ाने के कई उपायों की भी घोषणा की है।
गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक “इस बजट में, मोदी सरकार ने कर प्रणाली को तर्कसंगत बनाने, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने और व्यापार करने में आसानी के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, जो मोदी सरकार के भारत को 5 ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाएगा।"

एनडीए के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आयकर दर को कम करना मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग को खुश करने का एक प्रयास है। इस घोषणा से लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आ सकेगा, लेकिन लंबे समय में इससे लोगों की बचत में कमी आएगी जो अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा संकेत नहीं है। सरकार को छोटे और मध्यम उद्यमों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे रोजगार पैदा करते हैं और निर्यात बढ़ाने में मदद करते हैं।

शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने कहा कि अगर सरकार ने एक विनिवेश मंत्रालय की स्थापना करने की घोषणा की होती तो बेहतर कदम होता। रोजगार सृजन और लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिएथा और यही लोगों की भी अपेक्षा थी। जबकि जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने कहा: “यह एक संतुलित बजट है लेकिन चूंकि यह चुनावी वर्ष नहीं है इसलिए सरकार ने लोकलुभावन घोषणाएं नहीं की हैं। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए और कदमों की उम्मीद कर रहे थे। ”

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी और आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने बजट की कमी की आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार ने अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने या विकास दर में तेजी लाने या निजी निवेश को बढ़ावा देने या दक्षता बढ़ाने या नौकरियां पैदा करने या विश्व व्यापार में अधिक से अधिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बजट दो प्रमुख मुद्दों- बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से निपटने हेतु उपाय करने में विफल रहा। “मैंने इसमें ऐसा कोई ठोस रणनीतिक विचार नहीं देखा जो हमारे युवाओं को नौकरी पाने में मदद कर सके।
बजट का मुख्य अंश: हिन्दी में पूरा बजट भाषण । English में पूरा बजट भाषण
व्यक्तिगत करदाताओं को बड़ी राहत (मध्यम वर्ग)
नई कर व्यवस्था करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगी
* छूट के साथ, 5 लाख तक की आय पर शून्य कर


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महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन


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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 के दूसरे बजट में मध्यम वर्ग को राहत देते हुए, किसान, महिला, शिक्षा व इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट से दोहरी कृषि आय में मदद मिलेगी। बजट ने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। हमने रोजगार बढ़ाने के कई उपायों की भी घोषणा की है।
गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक “इस बजट में, मोदी सरकार ने कर प्रणाली को तर्कसंगत बनाने, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने और व्यापार करने में आसानी के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, जो मोदी सरकार के भारत को 5 ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाएगा।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के तुरंत बाद, एनडीए के सदस्यों ने कहा कि सरकार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए और कदम उठाने की जरूरत है। जबकि अन्य ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं के रोजगार पर अधिक ध्यान देने की जरुरत थी, मौजूदा प्रावधान इस दिशा में नाकाफी है।In this budget, the Modi govt has taken effective steps to rationalize the tax system, boost the basic infrastructure, strengthen the banking system, promote investment and ease of doing business, which will further Modi govt’s resolve to make India a 5 trillion-dollar economy.— Amit Shah (@AmitShah) February 1, 2020
एनडीए के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आयकर दर को कम करना मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग को खुश करने का एक प्रयास है। इस घोषणा से लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आ सकेगा, लेकिन लंबे समय में इससे लोगों की बचत में कमी आएगी जो अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा संकेत नहीं है। सरकार को छोटे और मध्यम उद्यमों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे रोजगार पैदा करते हैं और निर्यात बढ़ाने में मदद करते हैं।
शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने कहा कि अगर सरकार ने एक विनिवेश मंत्रालय की स्थापना करने की घोषणा की होती तो बेहतर कदम होता। रोजगार सृजन और लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिएथा और यही लोगों की भी अपेक्षा थी। जबकि जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने कहा: “यह एक संतुलित बजट है लेकिन चूंकि यह चुनावी वर्ष नहीं है इसलिए सरकार ने लोकलुभावन घोषणाएं नहीं की हैं। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए और कदमों की उम्मीद कर रहे थे। ”
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी और आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने बजट की कमी की आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार ने अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने या विकास दर में तेजी लाने या निजी निवेश को बढ़ावा देने या दक्षता बढ़ाने या नौकरियां पैदा करने या विश्व व्यापार में अधिक से अधिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बजट दो प्रमुख मुद्दों- बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से निपटने हेतु उपाय करने में विफल रहा। “मैंने इसमें ऐसा कोई ठोस रणनीतिक विचार नहीं देखा जो हमारे युवाओं को नौकरी पाने में मदद कर सके।
बजट का मुख्य अंश: हिन्दी में पूरा बजट भाषण । English में पूरा बजट भाषण
व्यक्तिगत करदाताओं को बड़ी राहत (मध्यम वर्ग)
कर योग्य आय का स्लैब (रुपये में)
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आय कर की वर्तमान दरें
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नई कर दरें
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0-2.5 लाख
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छूट
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छूट
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2.5-5 लाख
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5 प्रतिशत
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5 प्रतिशत
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5-7.5 लाख
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20 प्रतिशत
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10 प्रतिशत
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7.5-10 लाख
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20 प्रतिशत
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15 प्रतिशत
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10-12.5 लाख
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30 प्रतिशत
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20 प्रतिशत
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12.5-15 लाख
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30 प्रतिशत
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25 प्रतिशत
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15 लाख
से ऊपर
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30 प्रतिशत
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30 प्रतिशत
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नई कर व्यवस्था करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगी
* छूट के साथ, 5 लाख तक की आय पर शून्य कर
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ग्रोथ के इंजन के तौर पर
स्टार्ट-अप को बढ़ावा
- पूरी तरह से सहायता प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल बनाया जाएगा
- 100 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले स्टार्ट-अप को लगातार 3 निर्धारण वर्षों के लिए अपने लाभ की 100 प्रतिशत कटौती की अनुमति दी
- कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ईएसओपी) पर कर भुगतान स्थगित
- स्टार्ट-अप के आइडिया और प्रारंभिक विकास हेतु फंडिग का प्रस्ताव
2022 तक किसानों की दोगुनी आय के लिए प्रतिबद्ध
- कृषि क्षेत्र के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित
- पीएम कुसुम योजना का होगा विस्तार, 20 लाख किसानों को होगा फायदा; ग्रिड से जुड़े पंप हेतु 15 लाख किसानों को धन मुहैया कराने का प्रस्ताव
- पीपीपी के जरिए रेलवे द्वारा किसान रेल तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा कृषि उड़ान योजना शुरू की जाएगी

आर्थिक विकास के लिए एमएसएमई परिदृश्य में परिवर्तन
- फैक्टर रेगुलाइजेशन एक्ट, 2011 में संशोधन का प्रस्ताव ताकि MSME को एनबीएफसी TREDS के माध्यम से वित्तपोषण मिल सकेगा
- एमएसएमई के उद्यमियों को एक अधीनस्थ ऋण प्रदान करने हेतु नई योजना का प्रस्ताव
- एमएसएमई के लिए आरबीआई की ऋण पुनसंरचना विंडो को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाने का प्रस्ताव
- MSMEs की सुविधा के लिए एक ऐप-आधारित चालान वित्तपोषण ऋण उत्पाद लॉन्च किया जाएगा
- मौजूदा रुपये से टर्नओवर सीमा को पांच गुना बढ़ा दिया गया है। 1 करोड़ रु उन व्यवसायों के लिए 5 करोड़ जो अपने व्यापारिक लेनदेन का 5% से कम नकदी में करते हैं
- व्यवसाय संबंधी लेन-देन में 5 प्रतिशत से कम कैश का इस्तेमाल करने वाले कारोबार की उच्चतम सीमा 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव
अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का विस्तार
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 6,400 करोड़ रुपये समेत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69000 करोड़ रुपये
- 2024 तक देश के सभी जिलों में 2,000 किस्म की दवाइयां और 300 सर्जिकल उपकरण उपलब्ध कराने वाले जन औषधि केन्द्रों का विस्तार
- आकांक्षी जिलों में पीपीपी मॉडल के माध्यम से अधिक अस्पतालों का निर्माण
- रोगों को लक्षित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा एआई का उपयोग
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इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन
- अगले 5 वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा
- 2020-21 में परिवहन संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1.07 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
- 2024 से पहले 6000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों के कम से कम 12 लॉट के मुद्रीकरण का प्रस्ताव
- उड़ान योजना के लिए 2024 तक 100 और हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगें
- 2020-21 में विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए 22,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
- रियायती कॉर्पोरेट कर दर के माध्यम से विद्युत क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने का प्रस्ताव
जीएसटी का सरलीकरण, आर्थिक विकास को प्रोत्साहन
- एसएमएस आधारित फाइलिंग, रिटर्न प्री-फाइलिंग और बेहतर इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रवाह जैसी सुविधाओं के साथ 1 अप्रैल, 2020 से सरलीकृत रिटर्न लागू किया जाएगा
- एक केंद्रीयकृत प्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक रूप से महत्वपूर्ण इनवॉयस जानकारी दर्ज की जाएगी
- करदाताओं का आधार आधारित सत्यापन शुरू किया जाएगा
- जीएसटी मापदंडों के अनुकूल उपभोक्ता इनवॉयस के लिए गतिमान क्यूआर-कोड शुरू करने का प्रस्ताव
- इनवर्टेड ड्यूटी संरचना जैसी दिक्कतों के समाधान हेतु जीएसटी दर संरचना पर विचार किया जा रहा है
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देश के कोने-कोने में होगा डिजिटल इंडिया का प्रसार
- 2020-21 के लिए भारतनेट कार्यक्रम हेतु 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- भारतनेट कार्यक्रम के तहत 1, 00,000 ग्राम पंचायतों को FTTH कनेक्शन से जोड़े जाने का प्रस्ताव
- निजी क्षेत्र के सहयोग से देश भर में डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगें
- क्वांटम टेक्नोलॉजीज और एप्लिकेशन पर राष्ट्रीय मिशन के लिए 5 वर्षों में 8000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
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किसानों की आय दोगुनी करने के प्रति
प्रतिबद्ध
- 3477 सागर मित्रों और 500 मछली किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र के साथ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
- नाबार्ड पुन: वित्तपोषण योजना का विस्तार किया जाएगा
- वर्ष 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य निर्धारित
- 2025 तक देश में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता का लक्ष्य 53.5 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर 108 मिलियन मीट्रिक टन निर्धारित
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शिक्षा के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा
- 2020-21 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपये और कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव
- नई शिक्षा नीति जल्द ही घोषित की जाएगी, राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी
- 150 उच्च शिक्षण संस्थानों में मार्च 2021 तक अपरेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम की शुरुआत
- ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत एशियाई और अफ्रीकी देशों में इन्ड-सैट आयोजित करने का प्रस्ताव
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- महिला विशिष्ट कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- महिला व एसएचजीएस को पुन: धन लक्ष्मी का ओहदा प्रदान करने के लिए ग्राम भंडारण योजना
- 10 करोड़ से अधिक परिवारों के पोषण की स्थिति अपलोड के लिए 6 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए गए
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बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, जवाबदेह व पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में पहल
- जमा राशि बीमा का दायरा मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर प्रति जमाकर्ता 5 लाख रुपये किया जाएगा
- सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम में संशोधन
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के स्वास्थ्य व जमाकर्ताओं के पैसे की सुरक्षा हेतु एक मजबूत निगरानी तंत्र की व्यवस्था
- 500 करोड़ से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का आकार
- 1 करोड़ से 50 लाख रुपए तक का लोन साइज
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सतत विकास और सुशासन की दिशा में पहल
- जल जीवन मिशन के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी; वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 11,500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगें
- स्वच्छ भारत मिशन के लिए 2020-21 में कुल 12,300 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
- 2020-21 के लिए स्वच्छ पर्यावरण के उद्देश्य हेतु 4400 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
- कार्बन उत्सर्जन के उच्च स्तर से निपटने के लिए पुराने ताप बिजली संयंत्रों को बंद किया जाएगा
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एससी, एसटी, ओबीसी
और अन्य लोगों के विकास को प्रोत्साहन
- अनुसूचित जातियों तथा अन्य पिछड़ा वर्गों के कल्याण के लिए 85,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
- अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए 53,700 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव
- जम्मू और कश्मीर के लिए 30,757 करोड़ रुपये का प्रावधान
- केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए 5,958 करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा
- वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के लिए 9,500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
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रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण की दिशा में पहल
- रेलवे के स्वामित्व वाली भूमि पर रेल पटरियों के साथ बड़ी सौर ऊर्जा स्थापित किए जाएंगें
- पीपीपी के जरिए 4 स्टेशनों का पुनर्विकास और 150 यात्री ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा
- ‘तेजस’ जैसी कई और रेलगाडि़यां दर्शनीय पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ेंगी
- मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेन के परिचालन पर सक्रियता से काम किया जाएगा
- 18600 करोड़ रुपये की लागत से 148 किमी लंबी बेंगलूरू उपनगरीय परिवहन परियोजना में मेट्रो मॉडल पर किराया लगेगा
मजबूत वित्तीय बाजार की दिशा में पहल
- सरकारी प्रतिभूतियों की कुछ श्रेणियों में अब अनिवासी निवेशक कर सकते हैं निवेश
- कॉरपोरेट बॉन्ड में FPI के लिए सीमा, मौजूदा बकाया स्टॉक के 9% से बढ़ाकर 15% की जाएगी
- निवेशकों के विश्वास को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय संकुचन को कम करने के लिए तंत्र बनेगा
- भारत में रोजगार सृजन के लिए वैश्विक बाजार सहभागियों द्वारा व्यापार के लिए आइएफएससी गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज की स्थापना की जाएगी
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