बेहतर नींद के लिए सुबह की धूप है जरूरी यदि आपको सोने में परेशानी हो रही है, तो सुबह की धूप इसका समाधान हो सकता है। शायद यह पढ़ कर आप...
बेहतर नींद के लिए सुबह की धूप है जरूरी
यदि आपको सोने में परेशानी हो रही है, तो सुबह की धूप इसका समाधान हो सकता है। शायद यह पढ़ कर आपको आश्चर्य हो, लेकिन यह सच है। हम आपको बताते हैं कि सुबह की धूप सेवन से कैसे आपको रात में अच्छी नींद आ सकती है और सुबह की धूप सेवन का सबसे अच्छा तरीका क्या है।
सुबह की धूप आपकी नींद के लिए क्यों अच्छी है?
आपके शरीर की सर्कैडियन प्रणाली आपकी भूख, ऊर्जा स्तर, हार्मोन उत्पादन और शरीर के तापमान समेत आपकी कई जैविक प्रक्रियाओं को निर्धारित करती है। शब्द "सर्कैडियन" लैटिन शब्द "सेरा" और "डेस" से आता है, जिसका अर्थ है "दिन के आसपास"।
सबसे पहले आपको प्रकाश और आपके सर्कैडियन लय के बारे में समझने की आवश्यकता है। दिन में आप अपने शरीर के तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव महसूस करते होंगे। सुबह उठने से पहले आपके शरीर का तापमान बेहद कम होता है।मस्तिष्क आपको जगाने व आपके शरीर को सक्रिय करने हेतु आपके शरीर के तापमान बढ़ाने लगता है। दिन के दौरान आपके शरीर का तापमान अधिकतम होता है। शाम को तापमान फिर से कम करने के लिए आपका मस्तिष्क संकेत देता है कि यह तापमान गिरने का समय शुरू हो रहा है।
तापमान की यह प्रक्रिया सूर्य प्रकाश के बढ़ने और कम होने की नकल करते हैं। सूर्यास्त के बाद, यह हमारे शरीर को ठंडा करना शुरू कर देता है, मेलाटोनिन उत्पादन बंद हो जाता है और नींद की तैयारी शुरू हो जाती है। मेलाटोनिन वो हार्मोन है जो आपकी नींद को नियंत्रित करता है। सूर्योदय के आसपास, मेलाटोनिन कम होना शुरू हो जाता हैं और हमारे शरीर का तापमान बढ़ने लगता है।
शरीर का तापमान बनाम मेलाटोनिन बनाम नींद का चक्र
दुर्भाग्य से, आज की आधुनिक दुनिया में, हम लगातार उज्ज्वल प्रकाश के संपर्क में हैं। हम अपने चेहरे के करीब अपने स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप के कृत्रिम प्रकाश में रहते हैं। ये तकनीकी उपकरण उज्ज्वल नीली रोशनी हमारी आंखों में फेंकते हैं, जो हमारे सर्कैडियन लय को डिस्टर्ब करते हैं। हमारा मस्तिष्क सूर्य के प्रकाश के रूप में इसकी गलत व्याख्या करता है। अधिकांश लोगों की तरह यदि आप भी रात में इन उपकरणों का उपयोग करते हैं तो वे वास्तव में आपके मस्तिष्क को दिन जैसी यथा स्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रहे होते हैं।
इस वजह से कई मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक भारत में हर 7 में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक रोग से ग्रस्त है। देश में 1990 से 2017 के बीच मानसिक रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। अध्ययन के मुताबिक देश 46 मिलियन डिप्रेशन और 45 मिलियन एंग्जायटी जैसी समस्या से पीड़ित थे। डब्ल्यूएचओ के डेटा के मुताबिक 2005 से 2015 के बीच दुनिया भर में अवसाद के शिकार लोगों की अनुमानित संख्या में 18.4% की बढ़ोतरी हो गई।
अमेरिका में 20% लोग अनिद्रा की समस्या से पीड़ित हैं। कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था हमारी नींद के लिए बेहद विघटनकारी है। सर्कैडियन लय कृत्रिम प्रकाश द्वारा प्रभावित होती है
सौभाग्य से, आप कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था के प्रभावों का मुकाबला कर सकते हैं। रात में, जब आप अपने तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हैं, तो नीले-प्रकाश अवरुद्ध चश्मे पहन सकते हैं। सुबह में, अपने प्राकृतिक सर्कैडियन लय को सुबह की धूप के संपर्क में लाकर सुदृढ़ कर सकते हैं।
सुबह की धूप आपकी नींद और स्वास्थ्य को कैसे लाभ पहुंचाती है?
सुबह का पीला सूरज जो प्रकाश उत्सर्जित करता है वह पूर्ण-स्पेक्ट्रम प्रकाश है। इसमें आपके तकनीकी उपकरणों के प्रकाश के समान चमकीले नीले तरंग दैर्ध्य शामिल हैं, जो बेहद शक्तिशाली होता है। सुबह-सुबह इस तेज रोशनी में अपनी आँखें खोल कर आप अपने मस्तिष्क को संकेत देते हैं कि यह मेलाटोनिन उत्पादन को कम करने का समय है।
इसके जवाब में, आपका मस्तिष्क कोर्टिसोल उत्पादन बढ़ाएगा। कोर्टिसोल और मेलाटोनिन परोक्ष रूप से एक-दूसरे को संचालित करते हैं। कोर्टिसोल को आमतौर पर तनाव हार्मोन के रूप में जाना जाता है। बहुत अधिक मात्रा में कोर्टिसोल खतरनाक हो सकता है, पर कुछ मात्रा में कोर्टिसोल आपके लिए अच्छा है। यह सक्रिय हार्मोन आपके शरीर को सक्रिय करता है और आपको दिन की गतिविधियों के लिए तैयार करता है।
प्रकाश के अलावा, सूरज गर्मी का भी उत्सर्जन करता है। सुबह की धूप आपके शरीर को गर्म कर सकती है, जिससे आपकी प्राकृतिक थर्मोरेग्यूलेशन प्रक्रिया और सहायक कोर्टिसोल उत्पादन सामान्य होता है।
सूरज की रोशनी नींद से संबंधित एक और हार्मोन को प्रभावित करती है। सूरज की रोशनी के संपर्क से सेरोटोनिन रिलीज होता है। सेरोटोनिन मेलाटोनिन उत्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सेरोटोनिन को मूड अच्छा करने की क्षमता के लिए "खुशी या उत्साहवर्धक" हार्मोन के रूप में भी जाना जाता है। वास्तव में, सूर्य का प्रकाश आपकी मनोदशा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और मौसमी अवसाद व नींद संबंधी विकार को दूर करता है। इस समस्या के इलाज के लिए विशेष प्रकाश चिकित्सा लैंप का भी उपयोग किया जाता है। इस लैंप को हानिकारक यूवी किरणों के बिना, प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश की नकल कर डिज़ाइन किया गया है।
सुबह की धूप नींद के अलावा अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। यह विटामिन डी उत्पादन को बढ़ाता है, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखता है।
हम इस महत्वपूर्ण विटामिन को हम मांस, कुछ मशरूम, दूध, अनाज और पूरक आहार जैसे स्रोत से प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश से हमें जो मिलता है उसकी तुलना में यह कुछ भी नहीं है। जब हमारी त्वचा धूप के संपर्क में आती है, तो यह विटामिन के अधिक शुद्ध और लाभकारी रूप D3 का उत्पादन करती है, जो खाद्य पदार्थों या पूरक आहार से पर्याप्त रूप से नहीं मिल सकते। सूर्य के प्रकाश से हड्डियां मजबूत होती है और कैंसर की रोकथाम में मददगार होती है।
हम इस महत्वपूर्ण विटामिन को हम मांस, कुछ मशरूम, दूध, अनाज और पूरक आहार जैसे स्रोत से प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश से हमें जो मिलता है उसकी तुलना में यह कुछ भी नहीं है। जब हमारी त्वचा धूप के संपर्क में आती है, तो यह विटामिन के अधिक शुद्ध और लाभकारी रूप D3 का उत्पादन करती है, जो खाद्य पदार्थों या पूरक आहार से पर्याप्त रूप से नहीं मिल सकते। सूर्य के प्रकाश से हड्डियां मजबूत होती है और कैंसर की रोकथाम में मददगार होती है।
बेहतर नींद के लिए सबसे अच्छी सुबह की धूप कैसे प्राप्त करें
अब जब आपने सुबह की धूप सेवन करने का ठान लिया है, तो आप जागने के एक घंटे के भीतर, बाहर निकलें और धूप में बैठें। अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाएं, लेकिन धूप का चश्मा या टोपी न पहनें। 30 से 45 मिनट बाहर बिताएं। यदि संभव हो तो अतिरिक्त ऊर्जा के लिए व्यायाम हेतु किसी साथी को साथ ले लें।
अब जब आपने सुबह की धूप सेवन करने का ठान लिया है, तो आप जागने के एक घंटे के भीतर, बाहर निकलें और धूप में बैठें। अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाएं, लेकिन धूप का चश्मा या टोपी न पहनें। 30 से 45 मिनट बाहर बिताएं। यदि संभव हो तो अतिरिक्त ऊर्जा के लिए व्यायाम हेतु किसी साथी को साथ ले लें।
कुछ भी हो, आलस न करें:
यदि आपको पहली बार बिस्तर से बाहर निकलने में मदद की आवश्यकता है, तो अपने आप को प्रकाश अलार्म से जगाएं। ये आपके कमरे को चमकदार रोशनी से भर देते हैं, जिससे आप बाहर जाकर असली आनंद का अनुभव कर सकते हैं। फिर बाहर निकलें। उर्जावान महसूस करने के लिए, आपको सुबह की धूप को नियमित रूप से अपनी खुराक में शामिल करना चाहिए।
यदि आपको पहली बार बिस्तर से बाहर निकलने में मदद की आवश्यकता है, तो अपने आप को प्रकाश अलार्म से जगाएं। ये आपके कमरे को चमकदार रोशनी से भर देते हैं, जिससे आप बाहर जाकर असली आनंद का अनुभव कर सकते हैं। फिर बाहर निकलें। उर्जावान महसूस करने के लिए, आपको सुबह की धूप को नियमित रूप से अपनी खुराक में शामिल करना चाहिए।