जानें कैसे करवाएं पीएम-किसान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन। How to check beneficiaries list of PM-KISAN प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी...
जानें कैसे करवाएं पीएम-किसान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन। How to check beneficiaries list of PM-KISAN
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24 फरवरी, 2020 को एक साल पूरे हो गए हैं। इस योजना का उद्देश्य देश भर के सभी खेतीहर किसानों के परिवारों को आय सहायता प्रदान कर किसानों की आय बढ़ाना है। ताकि किसानों की कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इस योजना के तहत प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि को 2000 रुपये की तीन मासिक किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया जाता है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ 24 फरवरी, 2019 को किया था। योजना के लिए एक विशेष वेब-पोर्टल www.pmkisan.gov.in प्रारंभ किया गया है। लाभार्थियों को वित्तीय लाभ पीएम-किसान वेब-पोर्टल पर उनके द्वारा तैयार और अपलोड किए गए आंकड़ों के आधार पर जारी किए जाते हैं। लाभार्थियों की पहचान का पूर्ण दायित्व राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों पर है।
प्रारंभ में इस योजना के तहत पूरे देश में 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि रखने वाले सभी छोटे और सीमांत किसानों के परिवारों को आय सहायता प्रदान की गई। बाद में 01 जून 2019 से इसके दायरे को बढ़ा कर देश के सभी खेतीहर किसान परिवारों को इसमें शामिल किया गया।
कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ
इस योजना में नामांकन के लिए, किसान को राज्य सरकार द्वारा नामित स्थानीय पटवारी/राजस्व अधिकारी/नोडल अधिकारी (पीएम-किसान) से संपर्क करना होगा। किसान पोर्टल में फारमर्स कॉर्नर के माध्यम से अपना स्व-पंजीकरण भी करा सकते हैं। पोर्टल में फारमर्स कॉर्नर के माध्यम से किसान अपने आधार डेटाबेस कार्ड के अनुसार पीएम-किसान डेटाबेस में अपने नाम में सुधार कर सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से किसान अपने भुगतान की स्थिति भी जान सकते हैं। लाभार्थियों के ग्राम-वार विवरण भी फारमर्स कॉर्नर पर उपलब्ध हैं।
देखें पीएम-किसान के लाभार्थियों की सूची
कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को भी शुल्क के भुगतान पर योजना के लिए किसानों के पंजीकरण के लिए अधिकृत किया गया है। फारमर्स कॉर्नर पर दी गई उपरोक्त सुविधाएं सीएससी के माध्यम से भी उपलब्ध हैं।
कृषि जनगणना 2015-16 के आधार पर, इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले कुल लाभार्थियों की संख्या 14 करोड़ है। पीएम-किसान पोर्टल में राज्य नोडल अधिकारी (एसएनओ) द्वारा पंजीकृत लाभार्थी 4 माह की अवधि से अपने लाभ के हकदार हैं।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने स्थिति रजिस्ट्रेशन के सत्यापन के लिए 24 घंटे 7 दिन कार्य करने वाली एक स्वचालित आईवीआरएस आधारित हेल्पलाइन का भी शुभारंभ किया है।
किसान अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए 1800-11-5526 या 155261 डायल कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान अब ईमेल pmkisan-ict@gov.in पर पीएम किसान टीम से संपर्क कर सकते हैं।
राज्य सरकारें किसानों के लिए समय-समय पर शिविरों का भी आयोजन कर रही हैं ताकि उनके आवेदन विवरणों में सुधार किया जा सके। 1 दिसंबर, 2019 को या उसके बाद मिलने वाली सभी किस्तों का भुगतान लाभार्थियों को केवल आधार प्रमाणीकृत बैंक डेटा के आधार पर ही किया जा रहा है ताकि वास्तविक लाभार्थियों को सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोहरे भुगतान से बचा जा सके।
50850 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी
केंद्र सरकार अब तक 50850 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी कर चुकी है। कृषि जनगणना 2015-16 के अनुमानों के आधार पर, योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या लगभग 14 करोड़ है। 20 फरवरी, 2020 तक, राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा पीएम-किसान वेब पोर्टल पर अपलोड किए गए लाभार्थियों के आंकड़ों के आधार पर, 8.46 करोड़ किसान परिवारों को लाभ दिया गया है।
इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक व्यापक निगरानी तंत्र बनाया गया है। केंद्र के स्तर पर योजना में आवश्यक संशोधन के लिए केंद्रीय वित्त, कृषि और भूमि संसाधन मंत्रियों से युक्त एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के स्तर पर, नोडल विभाग और पीएमयू योजना के कार्यान्वयन की निरंतर निगरानी करते हैं, जबकि राज्य और जिला स्तर की निगरानी समितियों का भी गठन किया गया है।


