जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बाहुबली नेता के तौर पर तो पूरा देश जानता है। लेकिन बिहार की ज...
जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बाहुबली नेता के तौर पर तो पूरा देश जानता है। लेकिन बिहार की जनता की नजर में उनकी छवि एक समाज सेवी, जरुरतमंदों का मददगार, दलितों, पीड़ितों व गरीबों के मसीहा के तौर पर तेजी से उभरी है। बेसहारों और इलाज के लिए दिल्ली में दर-दर भटकते मरीजों व उनके परिजनों के लिए एकमात्र आसरा है पप्पू यादव का दिल्ली स्थित सांसद निवास, जिसे उन्होंने सेवाश्रम नाम दिया है।बिहार से बाहर बहुत कम लोगों को पता होगा कि पप्पू यादव की बाहुबली छवि के लिए सीधे लालू यादव दोषी हैं। अपने छात्र जीवन में पप्पू यादव लालू के प्रशंसक थे, उन्हें अपना आदर्श मानते थे। लेकिन लालू ने उनके साथ बार-बार छल किया और उन्हें बिना कोई अपराध किए ही कुख्यात और बाहुबली बना दिया। आज वे बिना किसी पूर्वाग्रह के गरीबों व दलितों की सेवा में पूरे परिवार के साथ समर्पित हैं। उनके सेवाश्रम का दर सबके लिए खुला है और यहां आने वाले हर जरुरतमंद को बिना किसी भेदभाव के मदद दी जाती है, भले ही वे किसी भी क्षेत्र या धर्म के क्यों ना हों?
कटिहार के मोहम्मद मोहसिन आलम अपनी पत्नी खुर्शिदा का एम्स में इलाज कराने जब दिल्ली आए थे तो ना तो यहां कोई जानने वाला था और ना ही कोई आसरा। लेकिन उन्होंने पप्पू यादव के सेवाश्रम के बारे में पहले से ही सुन रखा था। इसलिए वे सीधे पप्पू यादव के सेवाश्रम पहुंच गए। हालांकि उन्हें सेवाश्रम का पता नहीं मालूम था, लेकिन जब उन्होंने एक ऑटोवाले से पूछा तो उसने सीधे उन्हें यहीं पहुंचा दिया। सेवाश्रम में ना केवल उन्हें आसरा और भोजन मिला, बल्कि सुख-दुख में साथ देने वाले अपने ही राज्य व क्षेत्र के कई साथी मिल गए। सेवाश्रम और पप्पू यादव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहते हैं कि हमारे लिए यही मसीहा हैं। अगर इनकी मदद ना मिलती तो पता नहीं हमारा क्या हाल होता।
कुछ इसी तरह के उद्गार पूर्णियां के अमित कुमार, पटना के गजेंद्र सिंह, मधेपुरा के अंकित कुमार के परिजनों ने भी प्रकट किए। सभी ने एक स्वर से बताया कि यहां आने वाले हर मरीजों को हर तरह की जानकारी एवं मदद मिलती है। उनकी हर जरुरतों का ख्याल पप्पू यादव जी की निगरानी में रखा जाता है। इनमें से कईयों ने बताया कि जहां उनके क्षेत्र के सांसदों ने उन्हें मदद तो दूर उनकी बात सुनने से भी इन्कार कर दिया, वहीं पप्पू यादव के सेवाश्रम में बिना किसी सवाल-जवाब के हरसंभव मदद मिली।
वाकई पप्पू यादव ने एक बेहतरीन मुहिम शुरू की है और आज उनकी इस मुहिम में कई लोग जुड़ना चाहते हैं, आर्थिक मदद भी करना चाहते हैं। पर पप्पू यादव कहते हैं कि उनके सेवाश्रम में सबका स्वागत है पर किसी से भी कोई आर्थिक मदद नहीं चाहिए। इतना ही नहीं वे बिहार की हर समस्याओं और मुद्दों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और उन्हें सुलझाने के लिए सदा तत्पर रहते हैं। उनकी इसी कर्मठता ने उन्हें एक बाहुबली नेता की छवि से निकाल कर एक बड़े जनाधार वाले जनप्रिय नेता के रुप में स्थापित कर दिया।




