तो इन कारणों से ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला को किया गया बंद credit: विकीपीडिया 12 जुलाई से ऋषिकेश में जाने-माने लक्ष्मण झूला को आवाजाही...
तो इन कारणों से ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला को किया गया बंद

credit: विकीपीडिया
12 जुलाई से ऋषिकेश में जाने-माने लक्ष्मण झूला को आवाजाही के लिए बंद कर दिया। लक्ष्मण झूला के बंद होने के साथ कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की दिक्कतें बढ़ जाएगी। हरिद्वार और ऋषिकेश के पवित्र शहरों की यात्रा करने वाले कई कांवरिया गंगा के दूसरी ओर मंदिरों के दर्शन के लिए पुल का सहारा लेते हैं। स्थानीय विरोध के कारण उम्मीद है कि प्रशासन पैदल यात्रियों के लिए यह पुल फिर से खोल दे। वैसे ट्रैफ़िक लोड अब लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित राम झूला के 'ट्विन' पुल पर स्थानांतरित हो रही है। तीन दशक से अधिक समय पहले बना राम झूला अपेक्षाकृत एक नया पुल है।
1923 में लक्ष्मण झूला गंगा के ऊपर बनाया गया 450 फुट लंबा लोहे का पुल है। स्थानीय लोक कथाओं के मुताबिक भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने पुल के स्थान पर जूट की रस्सियों से नदी पार की थी। ब्रिटिश काल में बने इस पुल के रखरखाव का काम अब PWD को सौंपा गया है।
credit: विकीपीडियाकंसल्टेंट पुल को पैदल चलने वालों के लिए भी असुरक्षित बताते हुए इस पर आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद करने की सलाह दी। यह पुल 150-200 किग्रा प्रति वर्ग मीटर की भार क्षमता के लिए बनाया गया था, लेकिन पिछले कुछ दशकों में पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों की आवाजाही में अभूतपूर्व वृद्धि हो गई थी। इससे पुल टॉवर के एक तरफ झुकता हुआ प्रतीत होने लगा।
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