Image Credit: MyGov केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारम...
Image Credit: MyGov
केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2018-19 की आर्थिक समीक्षा ( Economic Survey 2019) प्रस्तुत की। इकोनॉमिक सर्वे में वित्त मंत्री ने बताया कि 2019-20 में जीडीपी में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। देश में सेवा निर्यात 2000-01 के 0.746 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2018-19 में 14.389 लाख करोड़ रुपये हो गया। साथ ही जून 2019 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 422.2 बिलियन डॉलर का हो गया।
आर्थिक समीक्षा ( Economic Survey 2019) की 2018-19 की मुख्य बातें
Economic Survey 2019: 2018-19 में अर्थव्यवस्था की स्थिति
Economic Survey 2019- राजकोषीय स्थिति
Image Credit: MyGov
Economic Survey 2019- मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता
Economic Survey 2019- मूल्य और महंगाई दर
Economic Survey 2019- विदेश एवं व्यापार
Image Credit: MyGov
कृषि और खाद्य प्रबंधन
Economic Survey 2019- उद्योगों और अवसंरचना
Economic Survey 2019- सेवा क्षेत्र
Economic Survey 2019- पर्यटन
Economic Survey 2019- सामाजिक बुनियादी ढांचा, रोजगार और मानव विकास
Economic Survey 2019- स्वस्थ भारत के जरिये स्वच्छ भारत से सुंदर भारत
Image Credit: MyGov
Economic Survey 2019- सतत ऊर्जा के माध्यम से समग्र विकास
Economic Survey 2019- कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रौद्योगिकी का कारगर इस्तेमाल
Economic Survey 2019- भारत में न्यूनतम वेतन प्रणाली पुनर्निर्धारण
केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2018-19 की आर्थिक समीक्षा ( Economic Survey 2019) प्रस्तुत की। इकोनॉमिक सर्वे में वित्त मंत्री ने बताया कि 2019-20 में जीडीपी में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। देश में सेवा निर्यात 2000-01 के 0.746 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2018-19 में 14.389 लाख करोड़ रुपये हो गया। साथ ही जून 2019 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 422.2 बिलियन डॉलर का हो गया।
आर्थिक समीक्षा ( Economic Survey 2019) की 2018-19 की मुख्य बातें
Economic Survey 2019: 2018-19 में अर्थव्यवस्था की स्थिति
- · 2018-19 में भारत अब भी तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
- · जीडीपी की वृद्धि दर वर्ष 2017-18 में 7.2 प्रतिशत की जगह वर्ष 2018-19 में 6.8 प्रतिशत हुई।
- · 2018-19 में मुद्रास्फीति की दर 3.4 प्रतिशत तक सीमित रही।
- · 2017-18 के बाद से निवेश की वृद्धि में सुधार
- · चालू खाता घाटा जीडीपी के 2.1 प्रतिशत पर समायोजित करने योग्य है।
- · केन्द्र सरकार का राजकोषीय घाटा 2017-18 में जीडीपी के 3.5 प्रतिशत से घटकर 2018-19 में 3.4 प्रतिशत रह गया।
Economic Survey 2019- राजकोषीय स्थिति
- राजस्व व्यय में 0.4 प्रतिशत की कमी और पूंजीगत व्यय में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि
- वर्ष 2017-18 के संशोधित अनुमान में राज्यों के स्वयं के कर और गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि और वर्ष 2018-19 के बजट अनुमान में इसके इसी स्तर पर बरकरार रहने की परिकल्पना की गई है।
- सामान्य सरकार (केन्द्र और राज्य) राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और राजकोषीय अनुशासन की राह पर।
Image Credit: MyGov
Economic Survey 2019- मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता
- एनपीए अनुपात में कमी आने से बैंकिंग प्रणाली बेहतर हुई।
- दिवाला और दिवालियापन संहिता से बड़ी मात्रा में फंसे कर्जों का समाधान हुआ और व्यापार संस्कृति बेहतर हुई।
- 31 मार्च, 2019 तक सीआईआरपी के तहत 1,73,359 करोड़ रुपये के दावे वाले 94 मामलों का समाधान हुआ।
- 28 फरवरी, 2019 तक 2.84 लाख करोड़ रुपये के 6079 मामले वापस ले लिये गए।
- आरबीआई की रिपोर्ट की अनुसार फंसे कर्ज वाले खातों से बैंकों ने 50,000 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
- अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपयों को गैर-मानक से मानक परिसंपत्तियों में अपग्रेड किया गया।
- एनबीएफसी क्षेत्र में दबाव और पूंजी बाजार से प्राप्त किए जाने वाले इक्विटी वित्त उपलब्धता में कमी के कारण वित्तीय प्रवाह संकुचित रहा।
- 2018-19 के दौरान सार्वजनिक इक्विटी जारी करने के माध्यम से पूंजी निर्माण में 81 प्रतिशत की कमी आई।
Economic Survey 2019- मूल्य और महंगाई दर
- सीपीआईसी पर आधारित महंगाई दर में लगातार 5वें वर्ष गिरावट दर्ज की गई। पिछले 2 वर्षों से यह 4 प्रतिशत से कम रही है।
- उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) आधारित खाद्य मुद्रा स्फ्रीति में भी लगातार 5वें वर्ष गिरावट दर्ज की गई और ये पिछले 2वर्षों के दौरान 2 प्रतिशत से भी कम रही है।
- सीपीआई-सी आधारित महंगाई दर (सीपीआई में खाद्यान्न और ईंधन छोड़कर) 2017-18 की तुलना में 2018-19 में हुई वृद्धि के बाद मार्च, 2019 से कम हो रही है।
- 2018-19 के दौरान सीपीआई-सी आधारित महंगाई दर के मुख्य कारक हैं आवास, ईंधन व अन्य। मुख्य महंगाई दर के निर्धारण में सेवा क्षेत्र का महत्व बढ़ा है।
Economic Survey 2019- विदेश एवं व्यापार
- भारतीय मुद्रा के संदर्भ में रुपये के अवमूल्यन के कारण जहां 2018-19 के दौरान निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं आयात में कमी आई।
- दिसंबर, 2018 तक भारत का विदेशी ऋण 521.1 बिलियन डॉलर था। यह मार्च, 2018 के स्तर से 1.6 प्रतिशत कम है।
- विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की हिस्सेदारी बढ़ी है और कुल देयताओं में कुल पोर्टफोलियो निवेश में कमी आई है।
- 2017-18 के दौरान भारतीय रुपये का मूल्य प्रति डॉलर 65-68 रुपये था। परन्तु अवमूल्यन के साथ भारतीय रुपये का मूल्य 2018-19 के दौरान प्रति डॉलर 70-74 रुपये हो गया।
- निर्यात (पुनर्निर्यात सहित): 23,07,663 करोड़ रुपये
- आयातः 35,94,373 करोड़ रुपये
- सबसे ज्यादा निर्यात वाली वस्तुओं में पेट्रोलियम उत्पाद, कीमती पत्थर, दवाएं के नुस्खे, स्वर्ण और अन्य कीमती धातु शामिल रहीं।
- सबसे ज्यादा आयात वाली वस्तुओं में कच्चा तेल, मोती, कीमती पत्थर तथा सोना शामिल रहा।
- भारत के मुख्य व्यापार साझेदारों में अमेरिका, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात और सउदी अरब शामिल रहे।
- भारत ने 2018-19 में विभिन्न देशों/देशों के समूह के साथ 28 द्विपक्षीय, बहु-पक्षीय समझौते किए। इन देशों को कुल 121.7 अरब अमरीकी डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया, जोकि भारत के कुल निर्यात का 36.9 प्रतिशत था।
Image Credit: MyGov
कृषि और खाद्य प्रबंधन
- कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 2005-06 के अवधि के 11.7 प्रतिशत की तुलना में 2015-16 में बढ़कर 13.9 प्रतिशत हो गई। छोटे और सीमांत किसानों में ऐसी महिलाओं की संख्या 28 प्रतिशत रही।
- छोटे और सीमांत किसानों में भूमि स्वामित्व वाले परिचालन वाली खेती के मामलों में बदलाव देखा गया।
- 89 प्रतिशत भू-जल का इस्तेमाल सिंचाई कार्य के लिए किया गया है।
- कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए आजीविकाओं के संसाधनों का वैविधिकरण।
- दुनिया में दुध के सबसे बड़े उत्पादक देश भारत में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा।
- दुनिया में मछलियों के दूसरे बड़े उत्पादक देश भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देना।
Economic Survey 2019- उद्योगों और अवसंरचना
- 2018-19 में आठ बुनियादी उद्योगों के कुल सूचकांक में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि।
- विश्व बैंक के कारोबारी सुगमता रिपोर्ट 2019 में भारत दुनिया के 190 देशों में 77वें स्थान पर पहुंचा। पहले की तुलना में 23 स्थान ऊपर उठा।
- 2018-19 में देश में सड़क निर्माण कार्यों में 30 किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब से तरीकी हुई। 2014-15 में सड़क निर्माण 12 किलोमीटर प्रति दिन था।
- 2017-18 की तुलना में 2018-19 में रेल ढुलाई और यात्री वाहन क्षमता में क्रमशः 5.33 और 0.64 की वृद्धि हुई।
- देश में 2018-19 के दौरान कुल टेलीफोन कनेक्शन 118.34 करोड़ पर पहुंच गया।
- बिजली की स्थापित क्षमता 2019 में 3,56,100 मेगावाट रही, जबकि 2018 में यह 3,44,002 मेगावाट थी।
- अवसंरचना कमियों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी जरूरी।
- प्रधानमंत्री आवास योजना और सौभाग्य योजनाओं जैसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से टिकाऊ और लचीली अवसंरचनाओं को खास महत्व दिया गया।
- अवसंरचना क्षेत्र से जुड़़े विवादों का नीयत समय पर निपटान करने के लिए संस्थागत प्रणाली की आवश्यकता।
Economic Survey 2019- सेवा क्षेत्र
- सेवा क्षेत्र (निर्माण को छोड़कर) की भारत के जीवीए में 54.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और इसने 2018-19 में जीवीए की वृद्धि में आधे से अधिक योगदान दिया है।
- 2017-18 में आईटी-बीपीएम उद्योग 8.4 प्रतिशत बढ़कर 167 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच गया और इसके 2018-19 में 181 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।
- सेवा क्षेत्र की वृद्धि 2017-18 के 8.1 प्रतिशत से मामूली रूप से गिरकर 2018-19 में 7.5 प्रतिशत पर आ गई।
- वर्ष 2017 में रोजगार में सेवाओं की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत थी।
Economic Survey 2019- पर्यटन
- वर्ष 2018-19 में 10.6 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जबकि 2017-18 में इनकी संख्या 10.4 मिलियन थी।
- पर्यटकों से विदेशी मुद्रा की आमदनी 2018-19 में 27.7 अरब अमरीकी डॉलर रही, जबकि 2017-18 में 28.7 अरब अमरीकी डॉलर थी।
Economic Survey 2019- सामाजिक बुनियादी ढांचा, रोजगार और मानव विकास
- ईपीएफ के अनुसार औपचारिक क्षेत्र में मार्च 2019 में रोजगार सृजन उच्च स्तर पर 8.15 लाख था, जबकि फरवरी 2018 में यह 4.87 लाख था।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 2014 से करीब 1,90,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत करीब 1.54 करोड़ घरों का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जबकि 31 मार्च, 2019 तक मूलभूत सुविधओं के साथ एक करोड़ पक्के मकान बनाने का लक्ष्य था।
- स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत योजना के जरिए पहुंच योग्य, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
- देश भर में वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय आयुष मिशन की शुरूआत की गई, ताकि सस्ती और आयुष स्वास्थ्य सेवा के बराबर सेवा दी जा सके, ताकि इन सेवाओं की पहुंच में सुधार हो और सस्ती सेवाएं मिलें।
- बजटीय आवंटन पर वास्तविक व्यय को बढ़ाकर और पिछले चार वर्ष में बजट आवंटन बढ़ाकर रोजगार सृजन योजना मनरेगा को प्राथमिकता दी गई।
Economic Survey 2019- स्वस्थ भारत के जरिये स्वच्छ भारत से सुंदर भारत
- · स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) से हुआ उल्लेखनीय स्वास्थ्य लाभ।
- · 93.1 प्रतिशत परिवारों तक शौचालयों की पहुंच।
- · जिन लोगों की शौचालयों तक पहुंच है, उनमें से 96.6 प्रतिशत ग्रामीण भारत में उनका उपयोग कर रहे है।
- · 30 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में 100 प्रतिशत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) की कवरेज।
- · दीर्घकालिक सतत सुधारों के लिए पर्यावरणीय और जल प्रबंधन संबंधी मामलों को एसबीएम में शामिल किये जाने की जरूरत है।
Image Credit: MyGov
Economic Survey 2019- सतत ऊर्जा के माध्यम से समग्र विकास
- · 0.8 मानव विकास सूचकांक अंक प्राप्त करने के लिए भारत को प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत में चार गुना वृद्धि किये जाने की जरूरत है।
- · पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अब भारत चौथे, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पांचवें और नवीकरणीय ऊर्जा संस्थापित क्षमता के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर है।
- · भारत में ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों की बदौलत 50,000 करोड़ रुपये की बचत हुई और कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में 108.28 मिलियन टन की कमी हुई।
- · देश में कुल विद्युत उत्पादन में नवीकरणीय विद्युत का अंश (पनबिजली के 25 मेगावाट से अधिक को छोड़कर) 2014-15 के 6 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 में 10 प्रतिशत हो गया।
- · 60 प्रतिशत अंश के साथ तापीय विद्युत अभी भी बेहद प्रमुख।
- · भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बाजार हिस्सेदारी मात्र 0.06 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह 2 प्रतिशत और नॉर्वे में 39 प्रतिशत है।
Economic Survey 2019- कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रौद्योगिकी का कारगर इस्तेमाल
- · प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिये मनरेगा योजना को सुचारू बनाने से उसकी दक्षता में वृद्धि ।
- · मनरेगा योजना में एनईएफएमएस और डीबीटी को लागू किये जाने से भुगतान में होने वाले विलंब में काफी कमी आई है
- · मनरेगा योजना के अंतर्गत विशेषकर संकटग्रस्त जिलों में कार्य की मांग और आपूर्ति बढ़ी है।
- · मनरेगा योजना के अंतर्गत समाज के असहाय वर्ग अर्थात् महिलाएं, एससी और एसटी कार्य बल में वृद्धि हुई है।
Economic Survey 2019- भारत में न्यूनतम वेतन प्रणाली पुनर्निर्धारण
- · कामगारों की रक्षा और गरीबी के उन्मूलन के लिए बेहतर तरीके से निर्मित न्यूनतम वेतन प्रणाली की पेशकश ।
- · भारत की मौजूदा न्यूनतम वेतन प्रणाली में सभी राज्यों में विभिन्न अनुसूचित रोजगार श्रेणियों के लिए 1,915 न्यूनतम वेतन हैं।
- संबंधित ख़बरें



