देखिए पिछले 5 साल में कितनी बदली महिलाओं की स्थिति, मोदी राज में क्या है महिलाओं का हाल credit: PIB देश की विकास प्रक्रिया में महिला...
देखिए पिछले 5 साल में कितनी बदली महिलाओं की
स्थिति, मोदी राज में क्या है महिलाओं का हाल
स्थिति, मोदी राज में क्या है महिलाओं का हाल
देश की विकास प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अपने बजट भाषण में कहा कि महिलाओं की व्यापक भागीदारी से ही भारत तेजी से विकास कर सकता है। सरकार मानती है कि हम महिलाओं की और अधिक भागीदारी से ही प्रगति कर सकते हैं।
वित्त मंत्री ने बजट में जन-धन बैंक खाताधारी प्रत्येक महिला एसएचजी सदस्य को 5,000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति देने का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम का विस्तार सभी जिलों में करने का भी प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला एसएचजी में एक महिला सदस्य को मुद्रा योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये तकका ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया और स्व-सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की है।
credit: PIB
आइए देखते हैं कि पिछले पांच सालों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने महिलाओं के विकास व कल्याण के लिए कौन-कौन से कदम उठाएं हैं।
एलपीजी कनेक्शनों के वितरण से बेहतर हुआ महिलाओं का जीवन स्तर
- उज्ज्वला योजना के तहत 6.40 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए गए
महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा
- 73% से अधिक MUDRA ऋण का फायदा महिलाओं को मिला
- सरकारी उपक्रमों में 25% खरीद का कम से कम 3% हिस्सा महिला स्वामित्व वाले एसएमई से होगा.
देश की प्रगति व विकास में महिला बनी बराबर की साझीदार
- स्वतंत्रता के बाद पहली बार भूमिगत खनन क्षेत्र में महिलाओं को मिला रोजगार
- पारदर्शी चयन प्रक्रिया से शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए महिला अधिकारियों की भर्ती
- मातृत्व अवकाश की अवधि 26 सप्ताह तक बढ़ा दी गई
स्वस्थ व सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करके महिलाओं की सेहत का ख्याल
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत हर साल 50 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को ₹6000 सालाना की आर्थिक मदद
- मिशन इन्द्रधनुष के तहत 86.88 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
महिलाओं को न्याय व सुरक्षा
- 12 साल से कम उम्र की बालिका से बलात्कार के दोषी हेतु मौत की सजा का प्रावधान
वित्त मंत्री ने बजट में जन-धन बैंक खाताधारी प्रत्येक महिला एसएचजी सदस्य को 5,000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति देने का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम का विस्तार सभी जिलों में करने का भी प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला एसएचजी में एक महिला सदस्य को मुद्रा योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये तकका ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया और स्व-सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की है।
एलपीजी कनेक्शनों के वितरण से बेहतर हुआ महिलाओं का जीवन स्तर
- उज्ज्वला योजना के तहत 6.40 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए गए
महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा
- 73% से अधिक MUDRA ऋण का फायदा महिलाओं को मिला
- सरकारी उपक्रमों में 25% खरीद का कम से कम 3% हिस्सा महिला स्वामित्व वाले एसएमई से होगा.
- स्वतंत्रता के बाद पहली बार भूमिगत खनन क्षेत्र में महिलाओं को मिला रोजगार
- पारदर्शी चयन प्रक्रिया से शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए महिला अधिकारियों की भर्ती
- मातृत्व अवकाश की अवधि 26 सप्ताह तक बढ़ा दी गई
स्वस्थ व सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करके महिलाओं की सेहत का ख्याल
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत हर साल 50 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को ₹6000 सालाना की आर्थिक मदद
- मिशन इन्द्रधनुष के तहत 86.88 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
महिलाओं को न्याय व सुरक्षा
- 12 साल से कम उम्र की बालिका से बलात्कार के दोषी हेतु मौत की सजा का प्रावधान
